स्लामी कैलेंडर के लिहाज से माह-ए-रजब की 22 तारीख को कुंडे का त्योहार मनाया जाता है। अंग्रेजी तारीख 23 जनवरी को मनाया जाने वाला यह इस्लामी पर्व प्रदेश के मालवा निमाड़ और विंध्य एवं महाकौशल आदि इलाकों में बहुत अकीदत और उत्साह के साथ मनाया जाता है। हजरत इमाम जाफर साहब के नाम से फातेहा दिलाने के लिए घरों में खीर, पूरी, गुंजे और अन्य मीठे पकवान बनाए जाते हैं। मान्यता के मुताबिक मिट्टी के बर्तन में खाना खाया खिलाया जाता है। त्योहार पूरा होने के बाद अकीदत के साथ इन बर्तनों को पानी में बहाया जाता है।
मरहूमों की याद में होगा शबे-बारात
इस्लामी माह शाबान की शुरुआत 31 जनवरी को होगी। इसके मुताबिक 14 शाबान 13 फरवरी को होगी। इस तारीख को शब-ए-बरात का त्योहार मनाने की परंपरा है। अपने मरहूमीन (दिवंगतों) को खिराज-ए-अकीदत (श्रद्धांजलि) देने के लिए दरूद और फातिहा दिलाई जाती है। साथ ही कब्रिस्तान जाकर उनके लिए दुआएं की जाती हैं। शब-ए-बरात को पिछले साल में किए गए कर्मों के हिसाब किताब और आने वाले साल के लिए इंसान की जिंदगी के फैसलों की रात भी कहा जाता है।
इसी धारणा के साथ मुस्लिम धर्मावलंबी सारी रात जागकर खैर की दुआएं मांगते हैं। मर्द मस्जिदों में और महिलाएं घरों में जागकर इबादत करते हैं। कब्रिस्तान की हाजरी और दरगाहों की जियारत भी इस रात की जाती है। शब-ए-बरात के इस त्योहार के लिए कई तरह के हलवे पकाए जाते हैं और लोगों को वितरित किए जाते हैं।
फिर शुरू होगा बरकतों का महीना रमजान
पवित्र रमजान माह की शुरुआत दो मार्च से होने की उम्मीद है। रोजा, नमाज, तिलावत, तरावीह के इस पूरे महीने में शहरी और इफ्तार के रिवाज पूरे किए जाएंगे। सबसे लंबे चलने वाले एक माह के त्योहार के दौरान जकात, फितरा और भलाई के काम करने की भी परंपरा है। इस्लाम के बुनियादी उसूलों में शामिल तकवा (परहेजगारी), नमाज, रोजा और जकात के फर्ज इस महीने में अदा किए जाते हैं। इस महीने के पूरा होने के बाद खुशियों का त्योहार ईद मनाया जाएगा।
ईद से बिखरेगी मिठास
रमजान की इबादतों के बदले अल्लाह की तरफ से दिया जाने वाला तोहफा ईद-उल-फितर माना जाता है। ईद का यह त्योहार 31 मार्च को मनाया जाएगा। नए कपड़े, सिर पर टोपी और इत्र की खुशबू से सजे बदन के साथ लोग खुश दिली के साथ ईदगाह पहुंचेंगे। ईदगाह पर काजी-ए-शहर खास नमाज पढ़ाएंगे और खुतबा (ईश्वरीय संदेश) सुनाएंगे। नमाज के बाद एक दूसरे से गले मिलकर मुबारकबाद देंगे। बाद में सेवइयां की मिठास के साथ त्यौहार मनाया जाएगा।
मई में होगा हज और बकरीद
इस्लामी त्योहारों में अहम मुकाम रखने वाला पर्व ईद-उल-अजहा का महीना जिलहिज 28 मई से शुरू होगा। इस लिहाज से ईद-उल-अजहा (बकरीद) का त्योहार 6 जून को मनाया जाएगा। इसी माह में इस्लाम का एक और अहम फर्ज हज भी अदा किया जाएगा। हज अरकान के दौरान दुनिया भर के हाजी 5 जून को अराफात में हज के अरकान पूरे करेंगे।
याद किए जाएंगे कर्बला के शहीद
इस्लामी नए साल की शुरुआत 26 जून को होगी। कर्बला के शहीद हजरत हसन और हुसैन की शहादत का पर्व मुहर्रम इसी माह में मनाया जाएगा। इसके तहत आशूरा का व्रत 5 जुलाई को रखा जाएगा।







